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केरल

केरल राज्य कैसे बना: तीन शासन, एक भाषा

1956 से पहले मलयालम बोलने वाले तीन अलग-अलग शासनों के अधीन थे। एक याचिका से एक राज्य तक का सफ़र।

1949 में त्रावणकोर-कोचीन के गठन के समय त्रावणकोर और कोचीन के महाराजा।
1949 में त्रावणकोर-कोचीन के गठन के समय त्रावणकोर और कोचीन के महाराजा। चित्र: Unknown, Public domain

1 नवंबर 1956 से पहले भारत के नक्शे पर केरल नाम का कोई राज्य नहीं था। मलयालम बोलने वाले लोग तीन शासनों के अधीन रहते थे: त्रावणकोर और कोचीन नाम की दो रियासतें, और अंग्रेज़ों के सीधे शासन वाली मद्रास प्रेसिडेंसी का मालाबार ज़िला।

एक याचिका से शुरुआत

1 जनवरी 1891 को 10,028 लोगों के हस्ताक्षर वाली एक याचिका त्रावणकोर सरकार को सौंपी गई। मलयाली मेमोरियल कहलाने वाली इस याचिका में माँग थी कि ऊँचे सरकारी पदों पर स्थानीय लोगों को ज़्यादा मौक़ा मिले। एक भाषा बोलने वाले लोग एक राजनीतिक आवाज़ में बोलने लगे, इसके शुरुआती संकेतों में यह भी एक था।

नक्शे से पहले भाषा का नक्शा

1921 में कांग्रेस ने मालाबार, कोचीन और त्रावणकोर को जोड़कर भाषा के आधार पर केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी बनाई। उसी साल अप्रैल में ओट्टप्पालम में पहला अखिल केरल राजनीतिक सम्मेलन हुआ। 1946 में ई. एम. एस. नंबूदिरीपाद की किताब ‘सवा करोड़ मलयाली’ ने तर्क दिया कि सभी मलयालियों का एक ही वतन होना चाहिए।

पुराने मालाबार ज़िले का नक्शा। 1956 में यह इलाक़ा केरल में शामिल हुआ।
पुराने मालाबार ज़िले का नक्शा। 1956 में यह इलाक़ा केरल में शामिल हुआ। चित्र: Truebrother, CC BY-SA 4.0

विलय को राजा का साथ

अप्रैल 1947 में त्रिशूर में हुए ऐक्य केरल सम्मेलन का उद्घाटन कोचीन के महाराजा केरल वर्मा ने किया। अपनी ही रियासत को ख़त्म कर देने वाली योजना का साथ देने वाले इस राजा को मलयाली ‘ऐक्य केरलम तंपुरान’ के नाम से याद करते हैं।

एक साझा भाषा कैसे एक राज्य बनी, यही ऐक्य केरल की कहानी है।

1 जुलाई 1949 को त्रावणकोर और कोचीन मिलकर त्रावणकोर-कोचीन राज्य बने। त्रावणकोर के महाराजा चित्तिरा तिरुनाल बालराम वर्मा राजप्रमुख बने।

आयोग और नया नक्शा

राज्यों को भाषा के आधार पर फिर से गढ़ने के लिए 1953 में फ़ज़ल अली की अध्यक्षता में राज्य पुनर्गठन आयोग बना। उसकी सिफ़ारिश पर 1 नवंबर 1956 को केरल का जन्म हुआ। मद्रास राज्य का मालाबार ज़िला और दक्षिण कन्नड़ का कासरगोड तालुका त्रावणकोर-कोचीन में जोड़े गए, जबकि तमिल बहुल दक्षिणी तालुके मद्रास राज्य, यानी आज के तमिलनाडु, में गए।

लगभग 1960 में कोच्चि की एक गली: नए राज्य के शुरुआती साल।
लगभग 1960 में कोच्चि की एक गली: नए राज्य के शुरुआती साल। चित्र: Peter Forster, CC BY-SA 2.0

समयरेखा

  1. 1891मलयाली मेमोरियल: त्रावणकोर में 10,028 लोगों के हस्ताक्षर वाली याचिका।
  2. 1921केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी; ओट्टप्पालम में पहला अखिल केरल राजनीतिक सम्मेलन।
  3. 1946ई. एम. एस. नंबूदिरीपाद की किताब 'सवा करोड़ मलयाली'।
  4. 1947त्रिशूर में ऐक्य केरल सम्मेलन; कोचीन के महाराजा केरल वर्मा ने उद्घाटन किया।
  5. 19491 जुलाई: त्रावणकोर और कोचीन का विलय।
  6. 19561 नवंबर: केरल राज्य का गठन।

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स्रोत

मूल स्रोत

  1. States Reorganisation Commission, Report of the States Reorganisation Commission. Government of India, New Delhi, 1955. मुफ़्त में पढ़ें
  2. The States Reorganisation Act, 1956 (Act 37 of 1956). India Code, Ministry of Law and Justice, 1956. मुफ़्त में पढ़ें
  3. E. M. S. Namboodiripad, The National Question in Kerala. People's Publishing House, Bombay, 1952. मुफ़्त में पढ़ें
  4. Parliament debates: Motion re. Report of the States Reorganisation Commission. Digital Library of the Parliament of India, 1955. मुफ़्त में पढ़ें

शोध और अध्ययन

  1. Robin Jeffrey, The Decline of Nayar Dominance: Society and Politics in Travancore, 1847–1908. Holmes & Meier, New York, 1976.
  2. A. Sreedhara Menon, A Survey of Kerala History. Sahitya Pravarthaka Co-operative Society, Kottayam, 1967.