तुंगभद्रा की चट्टानों के बीच विजयनगर का उदय कैसे हुआ
1300 के दशक में दक्षिण के पुराने राज्य ढहे, तो तुंगभद्रा के मोड़ पर एक नई ताक़त उभरी। शिलालेख क्या कहते हैं?
1300 के दशक की शुरुआत में दक्षिण भारत के पुराने राज्य ढह गए। यादव, काकतीय, होयसल और पांड्य राज्य लगभग तीस साल के भीतर गिर गए या कमज़ोर पड़ गए। दिल्ली सल्तनत की सेनाएँ दक्षिण तक पहुँच चुकी थीं, और तुंगभद्रा किनारे के छोटे से राज्य कंपिली को लगभग 1327 में मुहम्मद बिन तुग़लक़ की सेनाओं ने जीत लिया। इसी ख़ालीपन में एक नई ताक़त उभरी।
पाँच भाई, दो कहानियाँ
हरिहर, बुक्का और उनके तीन भाई, यानी संगम भाई, विजयनगर के पहले वंश के संस्थापक थे। उनकी उत्पत्ति को लेकर इतिहासकारों में आज भी बहस है। स्थापना का साल आमतौर पर 1336 बताया जाता है, पर भरोसेमंद शिलालेख 1340 के दशक से शुरू होते हैं। विद्यारण्य बाद की परंपरा में आते हैं; 1346 के एक शिलालेख के अनुसार भाइयों ने शृंगेरी मठ को दान दिया।

यही नदी-किनारा क्यों
चट्टानों के ढेर प्राकृतिक क़िला थे, नदी पानी देती थी, और विरूपाक्ष का हम्पी पहले से तीर्थ था। नहरों ने मैदान को हरा किया, और बंदरगाहों से आए घोड़ों ने सेना को मज़बूत किया। कृष्णा और तुंगभद्रा के बीच के उपजाऊ रायचूर दोआब के लिए विजयनगर और बहमनी सुल्तान बार-बार लड़े।
क़िले से साम्राज्य तक
बुक्का ने शिलालेखों में ‘हिंदू राय सुरत्राण’ (हिंदू राजाओं में सुल्तान) की उपाधि इस्तेमाल की; यह दिखाता है कि दरबार ने पड़ोसियों की राजनीतिक भाषा कैसे अपनाई। लगभग 1370 में कुमार कंपण ने मदुरै सल्तनत का अंत किया; उनकी पत्नी गंगादेवी ने संस्कृत काव्य ‘मधुरा विजयम’ में इसे लिखा।
हम्पी के रोम जितना बड़ा होने की बात पाइस की तुलना से आई है; शहर का सही आकार अब भी अनुमान का विषय है।
समयरेखा
- ~1327मुहम्मद बिन तुग़लक़ की सेना ने कंपिली पर क़ब्ज़ा किया।
- 1336परंपरागत स्थापना वर्ष।
- 1346संगम भाइयों का शृंगेरी मठ को दान (शिलालेख)।
- ~1370कुमार कंपण ने मदुरै सल्तनत का अंत किया।
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स्रोत
मूल स्रोत
- , Madhuravijayam (Virakamparayacharitam), Sanskrit text with English translation. Ambuda digital library. मुफ़्त में पढ़ें
- , A Forgotten Empire (Vijayanagar). Swan Sonnenschein, London, 1900. मुफ़्त में पढ़ें
शोध और अध्ययन
- , "Sultan among Hindu Kings": Dress, Titles, and the Islamicization of Hindu Culture at Vijayanagara. Journal of Asian Studies 55(4): 851–880, 1996.
- , Mahārājas, Mahants and Historians: Reflections on the Historiography of Early Vijayanagara and Sringeri. In A. L. Dallapiccola and S. Zingel-Avé Lallemant (eds), Vijayanagara: City and Empire, Steiner, Stuttgart, 1985.
- , Vijayanagara (The New Cambridge History of India, I.2). Cambridge University Press, 1989.
- , A Social History of the Deccan, 1300–1761: Eight Indian Lives. Cambridge University Press, 2005.
आधिकारिक स्रोत
- , Group of Monuments at Hampi. मुफ़्त में पढ़ें